जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस | national news
दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर करने के दिल्ली पुलिस के विवादास्पद आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संबंध में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत यह स्पष्ट करना चाहती है कि क्या यह निर्णय किसी पिछली न्यायिक टिप्पणी का परिणाम था या फिर इस स्थान की उपयोगिता पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद लिया गया नीतिगत कदम है।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को अवगत कराया कि इस मसले की समीक्षा के लिए काफी पहले ही एक विशेष समिति का गठन किया जा चुका था, जिसने अपनी विस्तृत रिपोर्ट भी सौंप दी है। इस बीच, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और कथित ज्यादतियों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया है कि आंदोलन से जुड़े तमाम सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी पक्ष भी अपने स्तर पर वीडियो साक्ष्य सुरक्षित रख सकते हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर अदालत में पेश किया जा सके।
सार्वजनिक प्रदर्शनों और लोकतांत्रिक अधिकारों के संतुलन से जुड़े इस मामले की महत्ता को देखते हुए आम जनता और राजनीतिक हलकों में भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इस तरह के नीतिगत बदलावों का असर भविष्य में राजधानी में होने वाले आंदोलनों और प्रदर्शनों के स्वरूप पर सीधा पड़ेगा। आगामी सुनवाई में यह तय होने की उम्मीद है कि राजधानी में विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की रूपरेखा क्या होगी।
