पाकिस्तान में भी है शाहजहां के मकबरे जैसा दिखने वाला एक खास महल, जानिए इसकी अनोखी प्रेम कहानी | international news
मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा आगरा में बनवाया गया ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में शुमार है, जिसे देखने हर साल लाखों सैलानी पहुंचते हैं। लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि भारत के इस ऐतिहासिक अजूबे की एक प्रतिकृति पाकिस्तान में भी मौजूद है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के उमरकोट जिले में बने इस विशेष मकबरे को स्थानीय लोग वहां का ताजमहल कहकर पुकारते हैं।
इस अनूठी इमारत का निर्माण अब्दुल रसूल नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी मरियम की याद में करवाया था। मिली जानकारी के अनुसार, अब्दुल रसूल अपनी पत्नी मरियम से बेहद प्रेम करते थे और दोनों का साथ करीब चालीस वर्षों तक रहा था। मरियम के निधन के बाद उनके वियोग में अब्दुल रसूल ने उनकी कब्र पर ताजमहल की तर्ज पर एक खूबसूरत स्मारक बनवाने का फैसला लिया था। उस दौर में इस संरचना के निर्माण पर बारह से पंद्रह लाख रुपये की लागत आई थी।
भले ही इस इमारत का आधिकारिक नाम ताजमहल नहीं है, लेकिन इसकी वास्तुकला और बनावट मूल ताजमहल से काफी हद तक मेल खाती है। वास्तुकला के लिहाज से यह भारत की ऐतिहासिक धरोहर की याद दिलाता है। इस तरह के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक निर्माण न केवल दोनों देशों के बीच वास्तुकला के साझा इतिहास को दर्शाते हैं, बल्कि यह प्रेम की एक ऐसी अनूठी मिसाल भी पेश करते हैं जो सरहदों की मोहताज नहीं होती है।
