आगरा में 300 साल पुरानी मुगलकालीन मुबारक मंजिल ध्वस्त, औरंगजेब से जुड़ी थी धरोहर | agra news
आगरा में मुगलकालीन वास्तुकला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही मुबारक मंजिल को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। सत्रहवीं शताब्दी में बनी इस ऐतिहासिक हवेली का निर्माण औरंगजेब ने सामूगढ़ के विजय अभियान के बाद कराया था। यमुना किनारे स्थित यह इमारत मुगलिया रिवरफ्रंट गार्डन का एक अहम हिस्सा थी, जिसे हाल ही में बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर ढहा दिया गया है।
यह घटना तब सामने आई जब राज्य पुरातत्व विभाग ने इस धरोहर को संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल द्वारा इसे संरक्षित इमारत घोषित करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भी अवैध निर्माण और ध्वस्तीकरण का काम जारी रहा। प्रशासन की सुस्ती और विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते बेशकीमती ऐतिहासिक धरोहर को इस तरह खोना सांस्कृतिक विरासत के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है।
इस ध्वस्तीकरण पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई है। स्कॉटिश इतिहासकार विलियम डेलरिंपल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना की निंदा करते हुए देश की ऐतिहासिक विरासतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही से देश के पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को गहरा आघात पहुंचता है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। आगरा के जिलाधिकारी ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि नियमों को ताक पर रखकर इस ऐतिहासिक इमारत को जमींदोज करने के पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
