आगरा में 80 करोड़ की नकली दवाएं बाजार में खपाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 8 करोड़ का स्टॉक जब्त | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने गुप्त सूचना और लंबी ट्रैकिंग के बाद एक ऐसी अवैध फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां बड़े पैमाने पर जीवन रक्षक नकली दवाइयां तैयार की जा रही थीं। यह कार्रवाई शहर के सिकंदरा थाना क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर स्थित औद्योगिक इलाके में की गई, जहां सुनसान जगह पर रात के समय यह काला कारोबार चलाया जाता था।
यह पूरा नेटवर्क दवा माफिया विजय गोयल द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो कुछ समय पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी गतिविधियों का दायरा फिर से फैला दिया और पिछले चार महीनों में करीब 80 करोड़ रुपये की नकली दवाइयां बाजार में खपा दीं। इस दौरान वह लगातार हिमाचल प्रदेश के संपर्क में था और वहां से रॉ मटेरियल जुटा रहा था। टास्क फोर्स की छापेमारी के दौरान मौके से 8 करोड़ रुपये मूल्य का भारी स्टॉक बरामद किया गया है।
फैक्ट्री में मुख्य रूप से कैंसर, डायबिटीज, गंभीर एंटीबायोटिक, स्लीपिंग पिल्स और एलर्जी जैसी महंगी और संवेदनशील बीमारियों की नकली दवाइयां तैयार की जाती थीं। इन नकली दवाओं को आगरा से मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। इस तरह के जहरीले और नकली उत्पादों के खुलेआम सेवन से आम जनता के जीवन पर सीधा गंभीर खतरा मंडरा रहा था, जिससे लोगों में भारी रोष है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जिसमें संगठित अपराध से जुड़ी धारा भी शामिल है। फिलहाल पुलिस यह खंगालने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और किन-किन मेडिकल डीलरों तक ये नकली खेप पहुंचाई गई थी।
