लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चलती बस में युवती से छेड़खानी, पुलिस ने जीपीएस से ट्रैक कर दबोचा | uttar pradesh news
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर सफर कर रही एक युवती के साथ सुरक्षा के दावों की पोल खोलती हुई शर्मनाक घटना घटी है। नोएडा से सवारियां लेकर पटना जा रही एक स्लीपर बस में सोते वक्त सहायक चालक ने युवती के साथ अभद्रता की। इस गंभीर घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में महिला यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे आम जनता में रोष व्याप्त है।
घटना बीते मंगलवार की रात करीब तीन बजे की है। बिहार के पटना की वैशाली ट्रैवल्स की बस में लखनऊ निवासी 22 वर्षीय युवती सवार हुई थी, जो नोएडा में नौकरी करती है। सफर के दौरान गोंडा निवासी सहायक चालक रिजवान अपनी सीट छोड़कर युवती के पास पहुंच गया और छेड़खानी करने लगा। जब युवती ने इसका विरोध किया और चीख-पुकार मचाई, तब बस में मौजूद अन्य यात्री भी जाग गए। हंगामे के बावजूद मुख्य चालक ने बस रोकने से इनकार कर दिया।
मुसीबत में फंसी युवती ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए डायल 112 पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी। जीपीएस लोकेशन के आधार पर इटावा पुलिस ने बस का पीछा शुरू किया और सीमा विवाद से आगे बढ़ते हुए कन्नौज के सौरिख थाना क्षेत्र की पुलिस को अलर्ट कर दिया। सौरिख पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर मुस्तैदी दिखाते हुए बस को घेर लिया और आरोपी सहायक चालक रिजवान को धर दबोचा।
परिजनों के थाने पहुंचने के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन रात के समय एक्सप्रेसवे और बसों में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने अब कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती है।
