मोदी कैबिनेट में एसपी सिंह बघेल को दोबारा मिली जगह, जानिए उनका राजनीतिक सफर | agra news
नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही उनके नए मंत्रिमंडल का गठन हो गया है। इस मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश के आगरा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल (सत्य प्रकाश सिंह बघेल) को एक बार फिर से शामिल किया गया है। उन्हें मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के साथ-साथ पंचायती राज मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक और राजनीतिक मोर्चे पर उनका यह अनुभव ग्रामीण विकास और कृषि से जुड़े क्षेत्रों को नई गति प्रदान करेगा।
लोकसभा चुनाव 2024 में एसपी सिंह बघेल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 5 लाख 99 हजार 397 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी के सुरेश चंद्र कर्दम को हराया, जिन्हें 3 लाख 28 हजार 103 वोट मिले थे। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी पूजा अमरोही तीसरे स्थान पर रहीं। इस जीत के साथ ही एसपी सिंह बघेल चौथी बार लोकसभा के लिए चुने गए हैं, जबकि वह अपने राजनीतिक करियर में एक बार राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं। मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में भी वे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
एसपी सिंह बघेल का राजनीतिक सफर काफी संघर्ष और बदलावों से भरा रहा है। मूल रूप से इटावा के रहने वाले बघेल कभी उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा थे और समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा दस्ते का हिस्सा हुआ करते थे। अपनी कार्यशैली और संपर्कों के चलते वह धीरे-धीरे मुलायम सिंह के बेहद करीबी बन गए। मुलायम सिंह यादव के प्रोत्साहन पर ही उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़कर वर्ष 1989 में पूर्णकालिक राजनीति में कदम रखा।
सपा के टिकट पर वह 1998 से 2004 तक जलेसर से सांसद रहे। हालांकि, बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया और राज्यसभा पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बसपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का रुख किया। वर्ष 2014 के आम चुनाव में उन्होंने फिरोजाबाद से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। इसके बाद 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में टूंडला से विधायक बने और योगी आदित्यनाथ की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2019 के आम चुनाव में भाजपा ने उन्हें आगरा सुरक्षित सीट से मैदान में उतारा और उन्होंने शानदार जीत दर्ज कर संसद में वापसी की।
