आगरा में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम और बीडीओ के बीच तीखी झड़प, मारपीट का प्रयास | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रशासनिक महकमे को हिला देने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान जिलाधिकारी और खंड विकास अधिकारी आपस में भिड़ गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बीडीओ पर जिलाधिकारी के साथ अभद्रता और हाथापाई का प्रयास करने का गंभीर आरोप लगा है।
यह पूरी घटना शुक्रवार सुबह करीब दस बजे जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी कर रहे थे, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी समेत जिले के कई अन्य खंड विकास अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेना था। सभी अधिकारी बारी-बारी से अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट पेश कर रहे थे।
धीमी गति पर सवाल से भड़के बीडीओ
जब बरौली अहीर के खंड विकास अधिकारी अनिरुद्ध सिंह चौहान की बारी आई, तो उनसे कार्यों की धीमी गति को लेकर जवाब तलब किया गया। जिलाधिकारी के इस सवाल से बीडीओ कथित तौर पर इसकदर भड़के कि उन्होंने मीटिंग हॉल की गरिमा को ताक पर रख दिया। आरोप है कि उन्होंने जिलाधिकारी के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और सबके सामने जान से मारने की धमकी भी दे डाली। इस अचानक हुए घटनाक्रम से बैठक में मौजूद अन्य अधिकारी भी सकते में आ गए। प्रशासनिक बैठकों में इस तरह के अनुशासनहीन और हिंसक रवैये से प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर सरकारी कामकाज की पारदर्शिता और अनुशासन पर भी असर पड़ सकता है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इस संबंध में खंदौली के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) की शिकायत पर रकाबगंज थाने में प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 504, 506 और 332 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। उच्चाधिकारियों द्वारा इस अनुशासनहीनता को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
