आगरा बैंक मैनेजर हत्याकांड में पत्नी और ससुर प्रयागराज से गिरफ्तार | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पिछले महीने सामने आए बैंक मैनेजर हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी और उसके पिता को धर दबोचा है। ताजगंज थाना क्षेत्र स्थित रामरघु एग्जॉटिका में 12 अक्टूबर को बैंक मैनेजर सचिन उपाध्याय का शव मिला था, जिसे पहले आत्महत्या बताया गया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे की पोल खोल दी, जिसमें साफ हुआ कि सचिन की गला घोंटकर हत्या की गई थी।
घटना के खुलासे के बाद से ही मृतक के परिजनों की शिकायत पर पत्नी प्रियंका, ससुर बिजेंद्र रावत और साले कृष्णा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहले साले कृष्णा को दबोचा था, जिसके बाद साजिश की परतें खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि हत्या की रात घर में सामान्य से कहीं ज्यादा खाना बनवाया गया था और नौकरानी को भी मृतक के कमरे में जाने से रोका गया था ताकि वारदात को छुपाया जा सके।
अपराध छुपाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी पिता-बेटी लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस के मुताबिक, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके आरोपी ससुर बिजेंद्र रावत और उनकी बेटी प्रियंका हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की जुगत में प्रयागराज में छिपे हुए थे। हालांकि, आगरा पुलिस की विशेष टीम ने सटीक लोकेशन के आधार पर दोनों को शनिवार देर रात प्रयागराज से दबोच लिया और आगरा लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है।
