यमुना एक्सप्रेसवे पर कार की डिक्की से फरीदाबाद के कारोबारी का बेटा बरामद, ड्राइवर ने रची थी फिरौती की साजिश | agra news
आगरा जनपद के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ी वारदात को टाल दिया। फरीदाबाद के रहने वाले एक प्रतिष्ठित फर्नीचर कारोबारी के इकलौते बेटे को बंधक बनाकर मैनपुरी ले जाया जा रहा था। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ड्राइवर समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब फरीदाबाद निवासी ईशांत अग्रवाल अपनी चचेरी बहनों से मिलने नोएडा जाने के लिए घर से निकला था। परिजनों ने इसके लिए अपने भरोसेमंद ड्राइवर आकाश यादव को जिम्मेदारी सौंपी थी। हालांकि, तय समय पर जब युवक अपने गंतव्य पर नहीं पहुंचा और उसका तथा ड्राइवर दोनों का फोन स्विच ऑफ आने लगा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसी बीच, कार में लगे फास्टैग से यमुना एक्सप्रेसवे के टोल पर पैसे कटने का मैसेज आया, जिससे परिवार को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
फास्टैग की लाइव लोकेशन और त्वरित सूचना के आधार पर आगरा पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। पुलिस ने नाकाबंदी कर जब एक संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया, तो उसमें सवार लोगों ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने घेराबंदी कर जब वाहन की तलाशी ली, तो होश उड़ा देने वाला सच सामने आया। कार की डिक्की के भीतर अपहृत युवक ईशांत सहमा हुआ लेकिन सुरक्षित अवस्था में बंद मिला। पुलिस ने मौके से ड्राइवर आकाश यादव और उसके सहयोगी आशीष यादव को धर दबोचा।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने रातोंरात अमीर बनने और एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के मकसद से इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस साहसिक कार्रवाई के बाद हरियाणा पुलिस और पीड़ित परिवार को सूचना दी गई, जिसके बाद औपचारिकताएं पूरी कर युवक को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
