आगरा में यमुना का जलस्तर बढ़ने से ताजमहल की दीवारें डूबीं, बाढ़ का खतरा | agra news
देशभर में जारी मानसूनी बारिश के बीच उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। उफान पर चल रही नदी का पानी ताजनगरी के कई प्रमुख ऐतिहासिक और रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर चुका है, जिससे स्थानीय प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।
मंगलवार सुबह आगरा में यमुना का जलस्तर 497.30 फीट तक दर्ज किया गया, जो मीडियम फ्लड लेवल से महज दो फीट नीचे है। बढ़ते जलस्तर के कारण ताजमहल के पीछे स्थित ताज व्यू पॉइंट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, महताब बाग के पास बनी ताज सुरक्षा पुलिस चौकी में भी पानी भर जाने के कारण पुलिसकर्मियों को अस्थाई ठिकानों पर शिफ्ट होना पड़ा है। ताजमहल के पास स्थित ऐतिहासिक दशहरा घाट पूरी तरह डूब चुका है और प्राचीन कैलाश मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंच गया है।
तोरण द्वार और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। ओखला बैराज से 92,035 क्यूसेक और गोकुल बैराज से 1,48,063 क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा जा चुका है, जिससे हर घंटे जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इस स्थिति से यमुना किनारे बसी करीब 28 कॉलोनियों और दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन ने तटीय इलाकों और रिहायशी सोसाइटियों, जैसे तनिष्क राजश्री अपार्टमेंट, में नोटिस चस्पा कर दिए हैं और मुनादी के जरिए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस बल को मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
