यमुना में गंदगी फैलाने पर पकड़ी गईं भैंसें, विधायक की सिफारिश पर कम हुआ जुर्माना | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना नदी के संरक्षण और उसकी स्वच्छता को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद नगर निगम ने नदी क्षेत्र में मवेशी लाने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। इसी अभियान के तहत निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए पैंतीस भैंसों को अपने कब्जे में लिया था।
प्रशासन द्वारा पकड़ी गई प्रत्येक भैंस पर बीस हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया था। शुरुआती तीन दिनों तक कोई भी पशुपालक जुर्माना भरने या मवेशियों को छुड़ाने आगे नहीं आया। चौथे दिन मामले में दखल देते हुए एक स्थानीय विधायक ने नगर आयुक्त को फोन किया और पशुपालकों को पहली गलती मानकर अंतिम मौका देने की अपील की। विधायक के अनुरोध पर विचार करते हुए अधिकारियों ने जुर्माने की राशि को बीस हजार से घटाकर पांच हजार रुपये कर दिया। इसके बाद पशुपालक जुर्माना भरकर अपनी सात भैंसें छुड़ाकर ले गए।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारियों के अनुसार, भारी जुर्माने और प्रशासनिक सख्ती के बावजूद अभी भी अट्ठाइस भैंसें कांजी हाउस में ही बंद हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि नदी क्षेत्र में दोबारा मवेशी गंदगी फैलाते पाए गए, तो किसी भी प्रकार की सिफारिश स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित बीस हजार रुपये का पूरा जुर्माना वसूला जाएगा। इस तरह की प्रशासनिक सख्ती से शहर में पर्यावरण नियमों के प्रति जागरूकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
