ताजमहल के 500 मीटर दायरे की दुकानें नहीं हटेंगी, सुप्रीम कोर्ट से व्यापारियों को राहत | agra news
आगरा में ऐतिहासिक ताजमहल के आसपास के ताज ट्रिपोजियम जोन में स्थित करीब 500 दुकानों पर मंडराता संकट फिलहाल टल गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दुकानों को हटाने के आगरा विकास प्राधिकरण के आदेश पर रोक को आगे भी जारी रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से दो टूक कहा है कि यदि सरकार दुकानदारों के लिए उचित पुनर्वास का इंतजाम नहीं कर सकती, तो उन्हें उनकी मौजूदा जगह पर ही काम करने देना चाहिए।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब आगरा विकास प्राधिकरण ने ताजमहल के पश्चिमी गेट के पास स्थित ताजगंज बाजार में 500 मीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों को गिराने का फरमान जारी किया था। प्राधिकरण की ओर से दुकानदारों को नोटिस थमाए गए थे, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि यदि स्वेच्छा से दुकानें नहीं हटाई गईं तो बुलडोजर कार्रवाई का खर्च भी दुकान मालिकों से ही वसूला जाएगा। इस आदेश के बाद स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया था और उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान व्यापारियों ने दलील दी कि शाहजहां के शासनकाल में ब बसाया गया ताजगंज बाजार अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान रखता है, जिसे अचानक उजाड़ना न्यायसंगत नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने इस तर्क को गंभीरता से लिया और प्राधिकरण को अपने नोटिस वापस लेने के निर्देश दिए। साथ ही, नीरी (NEERI) को तीन महीने के भीतर पुनर्वास योजना पर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। अदालत के इस संवेदनशील रुख से स्थानीय स्तर पर राहत की लहर दौड़ गई है, क्योंकि इससे सैकड़ों परिवारों की आजीविका सुरक्षित हो गई है।
