सरकारी नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, नौ गिरफ्तार | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल टॉस फोर्स यानी एसटीएफ की आगरा यूनिट ने इस काले कारोबार में संलिप्त नौ आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह संगठित गिरोह युवाओं को रेलवे ग्रुप डी और सेना की अग्निवीर योजना में आसानी से नौकरी दिलवाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूल रहा था।
एसटीएफ टीम ने ताजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रेम ग्रीन और पीजी होमस्टे पर छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जितेंद्र, प्रभात शर्मा, युसुफ, संतोष, धर्म सिंह, अनिल, सुल्तान, सोनू और पवन चौधरी के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के सभी सदस्यों के बीच काम का बंटवारा तय था और ठगी से मिलने वाली रकम को आपस में बराबर बांट लिया जाता था। इस अवैध कमाई से सभी आरोपियों ने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर ली थी। लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए गिरोह का सरगना जितेंद्र तकनीक का सहारा लेता था। वह ब्लूस्टैक्स ऐप प्लेयर के जरिए फर्जी दस्तावेज और मनगढ़ंत जानकारियां तैयार कर युवाओं को भ्रमित करता था। जब पीड़ित पूरी तरह से उनके झांसे में आ जाते थे, तब उनसे पैसे ऐंठे जाते थे और बाद में सभी साक्ष्य मिटा दिए जाते थे। इस ठगी से युवाओं का भविष्य दांव पर लग रहा था और समाज में बेरोजगारी का फायदा उठाने वाले ऐसे तत्वों से मानसिक शोषण बढ़ रहा था।
छापेमारी के दौरान एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया है। इनमें एक लैपटॉप, ग्यारह महंगे मोबाइल फोन, सोलह फर्जी बुलावा पत्र, छह दोपहिया वाहन, दस एटीएम कार्ड, आधार और पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज, तीन लाख रुपये नकद और एक लग्जरी क्रेटा कार शामिल है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को अपना शिकार बनाया है।
