मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा | meerut news
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड का अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपियों को मौत के घाट उतारने की सजा मुकर्रर की है। जिला और सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने इस सनसनीखेज मामले में सुनवाई पूरी करते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है। इस पूरे घटनाक्रम ने मानवता को झकझोर कर रख दिया था और समाज में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए थे।
करीब 13 महीने तक चली इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत में कुल 127 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 22 से अधिक गवाहों की गवाही दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने महाभारत का हवाला देते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि अपराधी को उसके कुकर्मों के अनुसार सजा मिलना ही सबसे बड़ा धर्म है। मजबूत और अकाट्य सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
वारदात का तरीका बेहद क्रूर और सुनियोजित था। मुस्कान ने अपने पति सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े कर दिए थे और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उन्हें नीले ड्रम में भर दिया था। बचाव पक्ष ने आरोपियों के पक्ष में कई दलीलें दीं और बच्चों का हवाला देकर नरमी बरतने की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए सभी दलीलों को खारिज कर दिया।
फैसला आते ही अदालत परिसर में न्याय की जीत के नारे गूंज उठे और पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली। इस प्रकार के कठोर न्यायिक निर्णयों से समाज में एक कड़ा संदेश जाता है कि कानून अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शेगा नहीं और इस तरह की घटनाएं भविष्य में दोबारा न हों, इसके लिए न्याय व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद है।
