नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड घोटाला मामले में निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत, संपत्तियां बेचने की अनुमति | nsel scam update
मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड से जुड़े बहुचर्चित भुगतान संकट मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क की गई लगभग 3,464 करोड़ रुपये की संपत्तियों को बेचकर राशि जुटाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत पहले चरण में 1,950 करोड़ रुपये की राशि निवेशकों के बकाये के निपटान के लिए वितरित की जाएगी। साल 2013 में सामने आए इस वित्तीय घोटाले के बाद से लगभग 13 हजार निवेशक अपने पैसे वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। अदालत के इस नवीनतम आदेश से इन प्रभावित निवेशकों के बीच लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त होने की उम्मीद जगी है।
अदालत के निर्देश के अनुसार, संपत्तियों की बिक्री से प्राप्त होने वाली अधिकतम 1,950 करोड़ रुपये की धनराशि 63 मून्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को सौंपी जाएगी, जो निर्धारित लेनदारों के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेगी। यह भुगतान नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल द्वारा स्वीकृत समाधान योजना की शर्तों के पूर्ण होने के पश्चात किया जाएगा। इस योजना के दायरे में 5,682 पात्र लेनदार आते हैं, जिन्हें इस राशि का लाभ मिलना तय हुआ है। चूंकि कुछ कुर्क संपत्तियां महाराष्ट्र डिपॉजिटर संरक्षण अधिनियम के तहत भी आती हैं, इसलिए प्रवर्तन निदेशालय सक्षम प्राधिकारियों से परामर्श कर बिक्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
वित्तीय अपराधों के मामलों में इस तरह के बड़े न्यायिक फैसले निवेशकों का विश्वास बहाल करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होते हैं। अदालती निगरानी में होने वाली इस संपत्तियों की बिक्री और निपटान प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि पारदर्शिता बनी रहे। इस कानूनी प्रगति के बाद अब निवेशकों को एक दशक से अधिक समय के इंतजार के बाद उनकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा वापस मिलने की ठोस उम्मीद बंध गई है।
