सिवनी जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में तीन महीने में 46 नवजात की मौत | madhya pradesh news
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला अस्पताल के स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट यानी एसएनसीयू वार्ड में महज तीन महीनों के भीतर 46 नवजात शिशुओं की मौत हो गई है। इस घटना से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। सरकारी दावों के विपरीत जमीन पर मौजूद व्यवस्थाओं की कमी इन मौतों की बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है।
सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, एक जुलाई से तीस सितंबर के बीच इस वार्ड में कुल 592 बच्चों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 46 मासूम अपनी जिंदगी की जंग हार गए। यदि पिछले छह महीनों का आंकड़ा देखा जाए तो यह संख्या बढ़कर 80 तक पहुंच जाती है। अपने बच्चों को खो चुके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समय पर सही इलाज न मिलने और डॉक्टरों की लगातार अनदेखी के कारण उनके नौनिहालों की जान गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया है और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। वहीं, दूसरी ओर अस्पताल के सिविल सर्जन ने मौतों के पीछे बच्चों के कम वजन, समय से पहले प्रसव और गंभीर बीमारियों का हवाला दिया है। प्रशासन का तर्क है कि कई बच्चे सुदूर ग्रामीण इलाकों से बेहद गंभीर हालत में पहुंचते हैं, जहां मृत्यु दर की आशंका अधिक होती है। इसके बावजूद, इतनी बड़ी संख्या में हो रही बच्चों की मौतें स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाने की मांग करती हैं।
