मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर बोले चिराग पासवान, प्रदर्शन से नहीं बातचीत से निकलेगा समाधान | national politics
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोनीपत के कुंडली स्थित निफ्टम संस्थान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रदर्शन होना स्वाभाविक है और यह लोकतंत्र का हिस्सा भी हैं, लेकिन इनका तरीका जनता को असुविधा में डालने वाला नहीं होना चाहिए।
चिराग पासवान ने कहा कि यदि किसी को अपनी बात रखनी है, तो उसका रास्ता बातचीत और संवाद से होकर गुजरता है। केवल प्रदर्शन करना ही मकसद नहीं होना चाहिए। उन्होंने राजनैतिक दलों और युवाओं को सलाह दी कि वे सड़कों पर जाम लगाने के बजाय एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करें और अपनी चिंताओं से अवगत कराएं। इस तरह के आयोजनों से आम नागरिकों को भारी ट्रैफिक और रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिससे बचना चाहिए।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। नई दिल्ली इलाके में पहले से ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अनुमति के नियमों का समय पर पालन नहीं किया गया और पूर्व में भी नियमों का उल्लंघन किया जा चुका है। ऐसे में सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और युवा संगठनों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
