बेंगलुरु में अभिजीत दिपके, ध्रुव राठी और प्रकाश राज का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग | national politics
बेंगलुरु के ऐतिहासिक फ्रीडम पार्क में सिविल सोसायटी और सीजेपी द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस कार्यक्रम में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके, मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज एक मंच पर नजर आए। वक्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसका सीधा असर देश की चुनावी साख और आम नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों पर पड़ता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए उन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं जो सत्ताधारी दल का विरोध करते हैं। इस दौरान उन्होंने आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की घोषणा भी की।
मंच पर मौजूद यूट्यूबर ध्रुव राठी ने पश्चिम बंगाल और बिहार का हवाला देते हुए वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान मतदाताओं के नाम सूची से गायब होना और परिणामों के बाद उन्हें दोबारा जोड़ना निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। राठी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होती, तब तक स्वतंत्र चुनावों की कल्पना नहीं की जा सकती।
अभिनेता और कार्यकर्ता प्रकाश राज ने भी इस विरोध में सुर मिलाते हुए एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग की। उन्होंने इसे केवल तकनीकी मुद्दा न मानकर आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और उनकी गरिमा पर सीधा हमला करार दिया। नागरिक अधिकारों से जुड़े इन गंभीर मुद्दों के उठने से देश की राजनीति में एक बार फिर चुनाव आयोग और स्वतंत्र संस्थाओं की भूमिका पर बहस छिड़ गई है।
