पाकिस्तान में एलपीजी संकट से हाहाकार, 7000 रुपये तक पहुंचा सिलेंडर का दाम | international news
गंभीर आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के सामने अब एक नया और बड़ा ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है। ईरानी सीमा के बंद होने से एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके परिणामस्वरूप देश में गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। इस संकट ने आम नागरिकों, विशेषकर परिवहन पर निर्भर रहने वाले तबके की कमर तोड़ दी है।
ईरान से आयात रुकने के कारण पाकिस्तान एलपीजी एसोसिएशन के अनुसार, बाजार में गैस की भारी किल्लत पैदा हो गई है। स्थिति यह है कि 12 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 7,000 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गई है। खुला बाजार में गैस लगभग 583 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रही है। इस अभूतपूर्व महंगाई का सीधा असर उन हजारों रिक्शा चालकों पर पड़ा है जो अपनी गाड़ियां चलाने के लिए एलपीजी का इस्तेमाल करते हैं।
लाहौर जैसे बड़े शहरों में रिक्शा चालकों की आय में भारी गिरावट आई है, जिससे उनके सामने परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया है। ईंधन महंगा होने के बावजूद यात्री अधिक किराया देने को तैयार नहीं हैं, जिससे ड्राइवरों की स्थिति दयनीय हो गई है। इस महंगाई से जनता के बीच आक्रोश और लाचारी का माहौल है।
बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट ने देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक कमजोर कर दिया है। पाकिस्तान में पहले से ही खाद्य पदार्थों और ईंधन के ऊंचे दाम आम जनता पर भारी पड़ रहे थे, और अब एलपीजी संकट ने इस दर्द को और बढ़ा दिया है। यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई, तो स्थिति और अधिक विस्फोटक हो सकती है जिसका असर पूरे देश की सामाजिक व्यवस्था पर पड़ेगा।
