उत्तर प्रदेश में सभी पेट्रोल पंपों पर बनेंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, डीवीवीएनएल ने हासिल किया पहला स्थान | uttar pradesh news
प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम तेजी से चल रहा है। केंद्र सरकार की ईवी पॉलिसी 2.0 के तहत वर्ष 2030 तक कुल वाहन बिक्री का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों का करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी के तहत सभी ऑयल कंपनियों को अपने सभी पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य रूप से ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डीवीवीएनएल) ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की चारों बिजली वितरण कंपनियों में बाजी मारी है। डीवीवीएनएल ने आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे अधिक ईवी चार्जिंग कनेक्शन जारी किए हैं। हालांकि, सबसे ज्यादा आवेदन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (वाराणसी) के क्षेत्र से प्राप्त हुए हैं, लेकिन कनेक्शन जारी करने के मामले में डीवीवीएनएल सबसे आगे है।
योजना के मुताबिक, उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए तय समय सीमा के भीतर कनेक्शन दिए जा रहे हैं। आवेदन मिलने के एक सप्ताह के भीतर हर हाल में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। किसी भी तरह की तकनीकी या मैदानी परेशानी से निपटने के लिए अधिशासी अभियंता स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल प्रभारी बनाया गया है, जो लगातार प्रत्येक आवेदन की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं।
इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों में विश्वास बढ़ाने और रेंज एंजायटी को खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जा रहे हैं। शहरी कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में हर तीन किलोमीटर के दायरे में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर हर 25 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे लंबी दूरी की यात्रा आसान हो सकेगी। सरकारी कार्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी चार्जिंग हब विकसित किए जा रहे हैं। इन कदमों से प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा होने की उम्मीद है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।
