तेलंगाना की बेटी चिकीथा ने एशियाई तीरंदाजी में जीते दो स्वर्ण पदक | international sports news
तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले के सुल्तानपुर गांव की रहने वाली युवा तीरंदाज तनिपर्थी चिकीथा ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। हाल ही में संपन्न हुए एशियाई तीरंदाजी टूर्नामेंट में उन्होंने कंपाउंड कैटेगरी की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा, दोनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किए। एक साधारण किसान परिवार से आने वाली चिकीथा का यह सफर कई संघर्षों और बलिदानों की कहानी है।
तीरंदाजी एक बेहद खर्चीला खेल है, जिसमें महंगे उपकरणों, पेशेवर ट्रेनिंग और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भारी धन की आवश्यकता होती है। सीमित आय वाले किसान परिवार के लिए यह खर्च उठाना लगभग असंभव था। लेकिन, पिता श्रीनिवास राव ने अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया। उन्होंने न केवल हर परिस्थिति में बेटी का साथ दिया, बल्कि खेल की जरूरतें पूरी करने के लिए अपनी जमीन तक गिरवी रख दी और कई आर्थिक संकटों का सामना किया।
चिकीथा ने भी अपने पिता के इस त्याग और भरोसे को पूरी तरह सही साबित किया। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से होते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय किया और अपनी अचूक निशानेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। इस दोहरी जीत से न केवल उनके गृह ग्राम सुल्तानपुर बल्कि पूरे देश में जश्न का माहौल है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे भी सरकारी और निजी स्तर पर आर्थिक सहयोग मिलता रहा, तो वह भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी देश के लिए पदक जीत सकती हैं।
