पीएम मोदी की डिग्री विवाद मामले में अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, गुजरात हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका | india politics
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को गुजरात हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनके उस आग्रह को ठुकरा दिया है, जिसमें 25 हजार रुपये के जुर्माने वाले पुराने फैसले को चुनौती दी गई थी। इस कानूनी फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में प्रशासनिक पारदर्शिता और आरटीआई के दायरे को लेकर नई बहस छिड़ गई है, जिसका सीधा असर सार्वजनिक जीवन में वैधानिक प्रक्रियाओं के इस्तेमाल पर पड़ेगा।
मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति डीएन रे की खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन व्यवस्था में उच्च पद पर आसीन किसी भी राजनेता को अपने राजनीतिक उद्देश्यों को साधने के लिए विधिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अदालत ने सिंगल बेंच के उस फैसले पर मुहर लगाई, जिसमें कहा गया था कि आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों का इस तरह का उपयोग गंभीर नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के शुरुआती निर्देशों को चुनौती देने के आधार पर्याप्त नहीं थे।
इससे पहले सुनवाई के दौरान केजरीवाल के कानूनी पक्ष ने तर्क दिया था कि उनके मुवक्किल ने प्रधानमंत्री की डिग्री की मांग पर लगातार जोर नहीं दिया था और पूरी कार्यवाही सीआईसी द्वारा स्वतः संज्ञान लिए जाने के बाद आगे बढ़ी थी। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए पूर्व के आदेश को पूरी तरह से वैध करार दिया। इस अदालती फैसले के बाद अब यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है, और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से नए राजनीतिक बयान सामने आने की पूरी संभावना है।
