डीजे की तेज आवाज सेहत के लिए खतरनाक, दिल के मरीजों पर मंडराता है बड़ा खतरा | health news
शादियों, जन्मदिन पार्टियों और अन्य आयोजनों में बजने वाले लाउडस्पीकर और डीजे की तेज आवाज अब केवल मानसिक शांति ही भंग नहीं कर रही, बल्कि यह कई लोगों के लिए जानलेवा खतरा बनती जा रही है। हाल ही में सामने आए कुछ मामलों ने यह साबित कर दिया है कि अत्यधिक शोर स्वास्थ्य पर कितना घातक असर डाल सकता है। (health news)
विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों को आनुवंशिक हृदय रोग जैसे ब्रुगाडा सिंड्रोम या एलक्यूटीएस टाइप 2 की समस्या होती है, उनके लिए 100 से 120 डेसिबल से अधिक की आवाज घातक हो सकती है। डीजे की तेज धमक और कंपन से इन मरीजों की दिल की धड़कन अचानक अनियंत्रित हो जाती है, जिससे कार्डियक अरेस्ट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि इस बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या कम होती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है।
चिकित्सकों का कहना है कि सामान्य लोगों के लिए तेज आवाज से सीधा दिल का दौरा पड़ने का खतरा नहीं होता, लेकिन गर्भवती महिलाओं और हृदय रोगियों को अत्यधिक शोरगुल वाले वातावरण से दूर रहना चाहिए। इस प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और आयोजनों में डेसिबल की सीमा तय करना बेहद आवश्यक हो गया है ताकि अनहोनी घटनाओं को रोका जा सके।
