पाकिस्तान में गंभीर ऊर्जा संकट, बाजारों की टाइमिंग और शादियों के मेन्यू में बदलाव | world news
पड़ोसी देश पाकिस्तान इस समय भीषण ऊर्जा संकट और महंगे ईंधन के दौर से गुजर रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर दिखने लगा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति बाधित होने के कारण पाकिस्तान की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है, और कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने सरकारी खजाने पर भारी दबाव बना दिया है (world news)। स्थिति यह है कि पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे देश की आर्थिकी चरमरा गई है।
बढ़ते आर्थिक संकट से निपटने के लिए शहबाज सरकार ने कई सख्त प्रशासनिक फैसले लिए हैं। राजधानी इस्लामाबाद में व्यावसायिक गतिविधियों के समय को सीमित कर दिया गया है। इसके तहत सभी बाजारों, शॉपिंग मॉल और दुकानों को रात 9 बजे तक बंद करने का निर्देश है, जबकि रेस्टोरेंट और कैफे को रात 11 बजे तक की छूट दी गई है। इसके अलावा, ऊर्जा और संसाधनों की बचत के लिए मैरिज हॉल रात 10 बजे तक ही खुल सकेंगे और शादी समारोहों में मेहमानों के लिए केवल एक डिश परोसने का अनिवार्य नियम लागू किया गया है।
आम जनता के साथ-साथ सरकारी मशीनरी पर भी खर्चों को लेकर लगाम कस दी गई है। अगले तीन महीनों के लिए सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, और सरकारी गाड़ियों के ईंधन कोटे में भी आधी कटौती कर दी गई है। हालांकि, इस दौरान अस्पतालों, फार्मेसी, पेट्रोल पंप और दूध की दुकानों जैसी आवश्यक सेवाओं को इन पाबंदियों से पूरी तरह बाहर रखा गया है। सरकार के इन कड़े कदमों का मुख्य उद्देश्य देश में ऊर्जा की खपत को न्यूनतम करना और विदेशी मुद्रा के भारी बहिर्प्रवाह को रोकना है, ताकि इस विकट आर्थिक स्थिति से उबरा जा सके।
