उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बदली बस कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया, आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म | up roadways news
उत्तर प्रदेश के परिवहन निगम ने बस संचालन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब रोडवेज बसों में कंडक्टरों की तैनाती आउटसोर्सिंग के माध्यम से नहीं की जाएगी, बल्कि निगम सीधे तौर पर अनुबंध पर परिचालकों को रखेगा। इस बदलाव से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो जाएगी और कर्मचारियों को मिलने वाले मानदेय में किसी प्रकार की अवैध कटौती नहीं होगी [up roadways news]।
नई व्यवस्था के लागू होने से सबसे पहले आगरा क्षेत्र के लगभग 310 संविदा कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो अभी तक विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से सेवाएं दे रहे थे। इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक अभ्यर्थियों को सेवायोजन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निगम प्रशासन सीधे तौर पर उनके साथ अनुबंध करेगा। इस ऐतिहासिक फैसले से कर्मचारियों का मानसिक और आर्थिक शोषण रुकेगा तथा उन्हें समय पर पूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
परिवहन निगम के इस कदम से विभाग और कर्मचारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा। अधिकारियों का मानना है कि इस नीतिगत बदलाव से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सेवाएं मिल सकेंगी। इस प्रकार के प्रशासनिक सुधारों से सरकारी व्यवस्थाओं में जनता का विश्वास और अधिक मजबूत होता है।
