सामान्य संक्रमण से बढ़ सकता है सैप्सिस का खतरा, बरतें सावधानी | health news
बुखार आना, ठंड लगना या सांसों का तेजी से चलना अमूमन सामान्य संक्रमण के लक्षण माने जाते हैं, लेकिन यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति शरीर के लिए अत्यंत घातक साबित हो सकती है। जब कोई मामूली संक्रमण शरीर में गंभीर रूप ले लेता है, तो वह सैप्सिस में तब्दील हो जाता है। इस खतरनाक स्थिति में शरीर की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमण से लड़ने के दौरान जरूरत से ज्यादा सक्रिय हो जाती है, जिसका सीधा असर ब्लड प्रेशर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है (health news)। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज सैप्टिक शॉक की स्थिति में भी पहुंच सकता है, जिससे जीवन का बड़ा जोखिम पैदा हो जाता है।
चिकित्सकीय जानकारों के अनुसार, सैप्सिस की स्थिति में जरा सी भी देरी मरीज के लिए भारी पड़ सकती है। यदि किसी व्यक्ति में तेज सांस चलने, अत्यधिक कमजोरी महसूस होने, भ्रम या बेहोशी की स्थिति बनने, बहुत कम पेशाब आने, ठंडी और चिपचिपी त्वचा होने अथवा लगातार रक्तचाप गिरने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसे बिना देर किए तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। हालांकि सैप्सिस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे तौर पर नहीं फैलता है, लेकिन बैक्टीरिया, वायरस या फंगस के कारण होने वाले संक्रमण इसके मुख्य कारण बनते हैं। आमतौर पर फेफड़ों, पेशाब की नली, पेट और शरीर के किसी पुराने घाव का संक्रमण इस गंभीर समस्या को बुलावा देता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी इस तरह के संक्रमण की चपेट में आने का खतरा अधिक रहता है, जिससे जनता के बीच स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरतना और भी अनिवार्य हो जाता है।
इस बीमारी के उपचार को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे पहले संक्रमण के मुख्य स्रोत की सटीक पहचान करना और उसे नियंत्रित करना ही सबसे प्रभावी कदम होता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर खून और अन्य जरूरी नमूनों की जांच करवाते हैं। बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि होने पर तुरंत एंटीबायोटिक दवाइयां शुरू की जाती हैं। रक्तचाप में भारी गिरावट आने पर नसों के माध्यम से तरल पदार्थ और जरूरत पड़ने पर बीपी को नियंत्रित करने वाली दवाएं दी जाती हैं। गंभीर मामलों में मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटिलेटर पर रखने की आवश्यकता भी पड़ सकती है, जिससे इस जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
