कासगंज में पिछड़ा वर्ग आयोग ने की बैठक, सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट | up politics news
स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य स्तर पर प्रक्रिया तेज हो गई है [up politics news]। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने कासगंज जिले का दौरा किया और जमीनी हकीकत को समझने के लिए मैराथन बैठक की। कलेक्ट्रेट स्थित रुद्राक्ष सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने की।
बैठक के दौरान आयोग ने जिले के वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों से सीधा संवाद किया। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को उठाने, रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जिले की कुल जनसंख्या में पिछड़ा वर्ग की बड़ी हिस्सेदारी है, जिसे ध्यान में रखते हुए राजनीतिक प्रतिनिधित्व का आकलन किया जा रहा है [up politics news]।
सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आयोग प्रदेशभर के जिलों का दौरा कर रहा है ताकि पिछड़ेपन के वास्तविक कारणों का प्रमाणिक डेटा जुटाया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य जमीनी स्तर पर पिछड़ा वर्ग की स्थिति का निष्पक्ष आंकलन करना है, जिससे नीति निर्माताओं को भविष्य की योजनाओं और आरक्षण के निर्धारण में मदद मिल सके। बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और साक्ष्यों को संकलित कर आयोग जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
