Lucknow Court: पैतृक संपत्ति विवाद में चाचा को पीटने वाले भतीजों को 1 साल की जेल, 6 हजार का जुर्माना
लखनऊ की एक अदालत ने पैतृक संपत्ति के विवाद में अपने चाचा पर जानलेवा हमला करने वाले दो भतीजों को सजा सुनाई है। एसीजेएम सौरभ ओझा ने आशुतोष मिश्रा उर्फ शिशु मिश्रा और सचिन मिश्रा उर्फ रिशु मिश्रा को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस घटना का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि यह संपत्ति विवादों में हिंसक कार्रवाई के गंभीर परिणामों को उजागर करती है।
मामले की पृष्ठभूमि 6 नवंबर 2011 को शुरू हुई जब आरोपियों की मां अरुणा मिश्रा ने वादी जितेंद्र कुमार मिश्रा के घर आकर गाली-गलौज की। वादी द्वारा मना करने पर, अरुणा मिश्रा ने अपने पति और दोनों बेटों, आशुतोष और सचिन को बुला लिया। इसके बाद, सभी ने मिलकर वादी पर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उनके हाथ की हड्डी टूट गई थी। यह हमला पैतृक मकान के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के कारण हुआ था। मुकदमे के दौरान एक अन्य आरोपी सतीश मिश्रा की मृत्यु हो गई थी। वादी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया था।
