लखनऊ: फर्जी अधिकारी बनकर व्यापारी से 2.35 करोड़ की ठगी, plot scam का खुलासा
लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में एक व्यापारी को प्लॉट दिलाने का झूठा सपना दिखाकर एक शातिर ठग ने 2 करोड़ 35 लाख 78 हजार 374 रुपये ठग लिए। आरोपी ने खुद को आवास विकास परिषद का कर्मचारी और बड़े अधिकारियों का करीबी बताकर भरोसा जीता। उसने फर्जी आवंटन पत्र, कब्जा पत्र और सरकारी मुहरों का इस्तेमाल कर एक जाल रचा। जब पीड़ित को सच्चाई का पता चला तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीजीआई थाने में रायबरेली निवासी यशवंत सिंह, पूजा एंटरप्राइजेज और समरेश यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़ित अविहर्ष शुक्ला की मुलाकात आरोपी यशवंत सिंह से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के माध्यम से हुई थी। यशवंत ने खुद को आवास विकास परिषद से जुड़ा बताकर प्रभाव के दम पर प्लॉट आवंटित कराने का दावा किया। वह अक्सर आवास विकास परिषद के मुख्यालय के पास ही मिलता था, जिससे व्यापारी का विश्वास और बढ़ गया।
आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में करोड़ों रुपये लिए। उसने व्यापारी से 2.86 लाख रुपये के दो महंगे मोबाइल फोन भी मंगवाए, यह कहकर कि वह विभाग के बड़े अधिकारियों को देगा। पीड़ित ने अपने नाम से एप्पल और सैमसंग के महंगे फोन खरीदे। इसके अलावा, विभिन्न बैंक खातों में भी रकम जमा कराई गई। पीड़ित का दावा है कि उसने 4 जुलाई 2024 को 85 लाख रुपये नकद भी दिए थे।
जब व्यापारी ने आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई, तो सभी कागजात नकली निकले। जांच में पता चला कि यशवंत सिंह न तो आवास विकास परिषद का कर्मचारी है और न ही पीड़ित के नाम कोई प्लॉट आवंटित हुआ था। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने झूठे मुकदमों में फंसाने, जेल भिजवाने और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत कई साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं।
पीजीआई थाने के इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया कि डीसीपी दक्षिणी के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस ठगी का खुलासा होने से शहर में सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े को लेकर चिंता बढ़ गई है।
