कानपुर में गर्भवती महिलाओं में 65% एनीमिया, स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चुनौती
कानपुर में एनीमिया की समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और किशोरियों के बीच। हालिया आंकड़ों के अनुसार, गर्भवती महिलाओं में 65 फीसदी और किशोरियों में 53 फीसदी तक एनीमिया पाया जा रहा है। यह स्थिति गंभीर एनीमिया के मामलों में रक्त चढ़ाने में थोड़ी सी चूक को भी जानलेवा बना सकती है। इसी चिंता को देखते हुए, आईएसओपीएआरबी सोसाइटी ने ‘एनीमिया एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन’ विषय पर एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक गोष्ठी का आयोजन किया।
गोष्ठी के दौरान, सोसाइटी की अध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा ने गर्भावस्था, सामान्य प्रसव और शल्य प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता और उसके सही चयन के महत्व पर प्रकाश डाला। पहले सत्र में डॉ. मनीषा अग्रवाल ने एनीमिया और गंभीर एनीमिया की पहचान, जांच और प्रभावी उपचार के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं, दूसरे सत्र में डॉ. प्रियंका वर्मा ने सुरक्षित रक्ताधान (ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की प्रक्रिया और इससे जुड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में बताया। इस आयोजन में डॉ. मीरा अग्निहोत्री, डॉ. किरन सिन्हा, डॉ. कमल धवन, डॉ. किरण पांडे, डॉ. संगीता आर्य, डॉ. रेशमा निगम, डॉ. रीना मट्टू और डॉ. शीला शर्मा सहित कई अन्य विशेषज्ञ भी उपस्थित रहे। इस समस्या का समाधान सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
कानपुर में उर्स की सुरक्षा का जायजा, DCP पूर्वी ने किया निरीक्षण
कानपुर में तीज उत्सव का आयोजन, कजरी गीतों से सजी शाम
कानपुर में AI टूल्स पर कार्यशाला: डिजिटल पत्रकारिता को मिलेगी मजबूती
कानपुर में किशोरी की सर्जरी में लापरवाही: प्लेट का नट फंसा, टूटी हड्डी, परिजनों का हंगामा
कानपुर में कांवड़ यात्रा के चलते भारी वाहनों का डायवर्जन, जानें रूट
कानपुर मंडी में मनमानी शुल्क वसूली: किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य, जांच की मांग
