40 साल से फरार अपराधी प्रदीप कुमार कानपुर में गिरफ्तार, 32 की उम्र में मिली थी सजा
कानपुर पुलिस ने 40 साल से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। प्रदीप कुमार नाम के इस शख्स को 1984 में तीन नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में दोषी ठहराया गया था और निचली अदालत ने उसे सजा सुनाई थी। उस समय प्रदीप की उम्र महज 32 साल थी। सजा के बाद उसने हाईकोर्ट में अपील की और राहत मिलने पर अदालत में पेश होना बंद कर दिया।
हाईकोर्ट ने हाल ही में इस मामले में पुलिस आयुक्त से जवाब तलब किया था, जिसकी समय सीमा नजदीक थी। इसके बाद पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड खंगालकर और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर प्रदीप की तलाश तेज कर दी। आखिरकार, किदवईनगर थाना क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रदीप फरारी के दौरान लगातार अपना हुलिया बदलता रहा, कभी बाल-दाढ़ी बढ़ाकर तो कभी गंजा होकर पुलिस को चकमा देता रहा।
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने पुराने वोटर आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया। वोटर आईडी से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने बीएलओ की मदद से उसकी वर्तमान लोकेशन का पता लगाया और उसे धर दबोचा। इस मामले में प्रदीप की पत्नी और एक अन्य महिला भी आरोपी थी, जिनमें से पत्नी की हाल ही में मृत्यु हो चुकी है। वहीं, तीन पीड़िताओं में से एक की भी मौत हो चुकी है। इस गिरफ्तारी से कानून के लंबे हाथों की एक और मिसाल कायम हुई है, जो दशकों बाद भी अपराधियों को नहीं छोड़ते।
