मदरसों की कामिल-फाजिल डिग्री पर रोक का प्रस्ताव, योगी कैबिनेट में अहम फैसले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ में राज्य कैबिनेट की एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में 20 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में से एक मदरसों में कामिल और फाजिल की डिग्री प्रदान करने पर रोक लगाना है। इस संबंध में मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम-2004 में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा।
इस बैठक में वित्तीय वर्ष के लिए पहला अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा, जिसका आकार लगभग 40 हजार करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस बजट में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बढ़े हुए मानदेय को मंजूरी मिल सकती है। इसके अतिरिक्त, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए बुलंदशहर के प्राक्कलन को मंजूरी, प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन, सात बहुउद्देश्यी हब के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन जैसे प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं।
कामिल और फाजिल की डिग्रियों को क्रमशः स्नातकोत्तर और स्नातक स्तर के समकक्ष माना जाता रहा है, जिनमें इस्लामी धर्मशास्त्र, अरबी भाषा और कुरान जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इन डिग्रियों पर रोक लगाने का निर्णय शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
कैबिनेट विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शी सिद्धांत में संशोधन, प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना और पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को उत्तर प्रदेश में लागू करने, और समुदाय परियोजना के क्रियान्वयन के करार की समय सीमा बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार करेगी।
