गंगा का जलस्तर बढ़ने से पटियाली के दर्जनभर गांवों में बाढ़ का खतरा, जनजीवन प्रभावित
गंगा नदी में बिजनौर व नरौरा बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण पटियाली के दर्जनभर गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। नगला हंसी, मूजखेड़ा, नगला नरपत जैसे गांवों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को रात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के चारों ओर पानी भर जाने से सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो गया है। बिजली गुल होने से अंधेरे में ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि पहाड़ों और मैदानी इलाकों में बारिश जारी रही तो बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ेगा और इन गांवों में पानी और भी अंदर तक घुस सकता है। इससे पशुपालकों के लिए चारे का संकट भी खड़ा हो सकता है। मंगलवार को नरौरा बैराज से एक लाख 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसके बाद गंगा का पानी ओवरफ्लो होकर निचले इलाकों के गांवों तक पहुंच गया है।
इस बाढ़ की स्थिति से स्थानीय लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हुई है, खासकर उन लोगों के लिए जो सीधे नदी के किनारे बसे हैं। बाढ़ के पानी के बढ़ने से उनके घरों और आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है।
