उत्तर प्रदेश के चार हिस्सों में बंटवारे पर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान | up politics news
उत्तर प्रदेश के संभावित विभाजन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर बढ़ गई है। देवरिया जिले के एक इंटर कॉलेज में आयोजित सामाजिक समरसता महारैली को संबोधित करते हुए सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा सियासी दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का चार हिस्सों में बंटना पूरी तरह तय है और इस दिशा में समाज को अभी से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करनी होगी। [up politics news]राजभर ने मंच से अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए यहां तक कह दिया कि जिस दिन अलग पूर्वांचल राज्य का गठन होगा, उस नए सूबे के पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी पर उनका बेटा ही बैठेगा। उनका यह बयान पिछड़े वर्ग के वोट बैंक को साधने और पार्टी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को स्पष्ट करने के रूप में देखा जा रहा है। इस तरह के बयानों से क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चाएं तेज हो गई हैं, जिससे आम जनता के बीच भी विकास और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर बहस छिड़ गई है।भाषण के दौरान उन्होंने पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण के भीतर कोटे के बंटवारे का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उनका तर्क था कि आरक्षण का लाभ कुछ चुनिंदा जातियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आबादी के अनुपात में हर पिछड़ी जाति को उसका हक मिलना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इन दलों ने लंबे समय तक शासन किया लेकिन पिछड़े समाज के उत्थान के लिए ठोस काम नहीं किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से आगामी चुनावों से पहले चुनावी माहौल गरमाने और जातियों के बीच गोलबंदी तेज होने की पूरी संभावना है।
