परिवर्तिनी एकादशी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानें | religion news
सनातन धर्म में भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है, जिसे परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है [religion news]। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसव पावन दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में अपनी योग निद्रा के दौरान करवट बदलते हैं, जिस कारण इसे परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है। इस वर्ष तिथि को लेकर लोगों के मन में संशय है कि व्रत 21 सितंबर को रखा जाए या 22 सितंबर को।
पंचांग के विश्लेषण के अनुसार, एकादशी तिथि 21 सितंबर की रात्रि को आरंभ होकर 22 सितंबर की रात्रि तक व्याप्त रहेगी। उदया तिथि की मान्यता के आधार पर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा। इस दिन व्रत रखने से साधक को सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है।
शुभ योग और पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 22 सितंबर को रवि योग, अतिगंड योग और सुकर्मा योग का संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन की महत्ता कई गुना बढ़ गई है। पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:35 से 5:22 तक रहेगा, जबकि श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 9:11 से दोपहर 1:45 तक उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी भगवान विष्णु की आराधना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। व्रत का पारण अगले दिन 23 सितंबर को सुबह 6:10 से 8:35 के बीच किया जाएगा।
