लखनऊ में बिजली संकट खत्म: ट्रांसफार्मर फुंका तो 10 मिनट में सप्लाई शुरू, जानें पूरी ‘नोएडा मॉडल’ योजना
लखनऊ शहर में बिजली की आपूर्ति को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान जल्द होने वाला है। राजधानी वासियों को अब बिजली कटौती, ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। मध्यांचल विद्युत निगम, नोएडा के सफल ‘नोएडा मॉडल’ को लखनऊ में लागू करने जा रहा है, जिसके तहत शहर के विद्युत ढांचे का कायाकल्प किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 2500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2031 तक निर्बाध और 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
इस योजना का मुख्य आकर्षण यह है कि किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने या खराब होने की स्थिति में, उपभोक्ताओं को अब घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत, वैकल्पिक ट्रांसफार्मर या फीडर से बिजली की आपूर्ति मात्र पांच से 10 मिनट के भीतर बहाल कर दी जाएगी। यह बदलाव लखनऊ को ‘नो-ट्रिपिंग जोन’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिजली विभाग द्वारा तैयार किए गए इस 2500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत, लखनऊ के बिजली वितरण नेटवर्क को हाईटेक बनाया जाएगा। इसमें 40 नए उपकेंद्रों और 10 पावर ट्रांसमिशन सबस्टेशनों का निर्माण शामिल है। साथ ही, मौजूदा उपकेंद्रों पर नए पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे और जिन क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर अक्सर ओवरलोड होते हैं, उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। मौसम की खराबी या अन्य कारणों से होने वाली ट्रिपिंग को रोकने के लिए 11 केवी की पुरानी लाइनों को हटाकर आधुनिक इंसुलेटेड कंडक्टर लगाए जाएंगे। बिजली वितरण को संतुलित करने के लिए शहरभर में नए फीडर और एडवांस सर्किट ब्रेकर भी स्थापित किए जाएंगे।
इस आधुनिक योजना का एक प्रमुख हिस्सा एक हाईटेक कंट्रोल रूम होगा, जो पावर ट्रांसमिशन के स्कॉडा सिस्टम पर आधारित होगा। यह सिस्टम किसी भी तकनीकी खराबी या लोड बढ़ने पर स्वचालित रूप से दूसरे विकल्प पर लोड शिफ्ट कर देगा, जिससे बिजली आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। अमौसी जोन के लिए 800 करोड़, लखनऊ सेंट्रल जोन के लिए 600 करोड़, गोमतीनगर जोन के लिए 600 करोड़ और जानकीपुरम जोन के लिए 500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इस योजना की अंतिम स्वीकृति के लिए जल्द ही पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसके बाद लोगों को अघोषित बिजली कटौती से मुक्ति मिल जाएगी।
