7 साल बाद किसान को मिला न्याय, फसल बर्बाद पर मिलेगा 1.25 लाख का मुआवजा – Agra News
आगरा में उपभोक्ता आयोग ने एक किसान को सात साल की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद फसल बीमा का मुआवजा दिलाने का आदेश दिया है। यह फैसला उन किसानों के लिए उम्मीद की किरण है जो अक्सर बीमा कंपनियों की मनमानी का शिकार होते हैं।
बीमा कंपनी को झटका
उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (द्वितीय) ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित फसल बर्बाद होने के बावजूद मुआवजा देने से इनकार करने वाली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जनरल इंश्योरेंस कंपनी को करारा झटका दिया है। आयोग ने बीमा कंपनी को पीड़ित किसान रामगोपाल को 1.20 लाख रुपये मुआवजा और मानसिक उत्पीड़न के एवज में पांच हजार रुपये अतिरिक्त देने का आदेश सुनाया है।
7 साल चली कानूनी लड़ाई
मामला किरावली तहसील के गांव झारौटी का है। किसान रामगोपाल ने दिसंबर 2017 में अपनी गेहूं की फसल के लिए बीमा कराया था। ओलावृष्टि और आंधी से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। बीमा कंपनी ने उपज में कमी न आने का तर्क देकर मुआवजा देने से इनकार कर दिया। दो साल तक टालमटोल के बाद किसान ने अगस्त 2019 में उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। लगभग सात साल चली कानूनी लड़ाई के बाद आयोग ने किसान के पक्ष में निर्णय सुनाया।
