आगरा के खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के कार्यकाल के साढ़े चार साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता आज भी खारे पानी और जर्जर सड़कों जैसी बुनियादी समस्याओं से...
आगरा के खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक भगवान सिंह कुशवाहा के कार्यकाल के साढ़े चार साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता आज भी खारे पानी और जर्जर सड़कों जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। विकास के दावों के बावजूद, कई इलाकों में पीने के पानी की गंभीर किल्लत है और सड़कें टूटी-फूटी हालत में हैं, जो विकास की धीमी गति को दर्शाती हैं।
क्षेत्र की भौगोलिक विविधता, जिसमें मैदानी और पहाड़ी दोनों हिस्से शामिल हैं, पानी की समस्या को और बढ़ाती है। कई गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति न के बराबर है, जिससे किसान मुख्य रूप से सरसों की फसल पर निर्भर हैं। खेरागढ़ और जगनेर में सरसों मंडी होने के बावजूद, सरसों आधारित प्रसंस्करण उद्योगों की कमी स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित कर रही है। तांतपुर की पत्थर मंडी, जो कभी हजारों लोगों को रोजगार देती थी, अब लगभग समाप्त हो चुकी है, जिससे अधिकांश परिवार केवल खेती पर निर्भर रह गए हैं।
सड़कों की हालत भी चिंताजनक है। डुंगरवाला-नारीपुरा, सालेनगर-बरबर, दूधाधारी, गढ़ी अतिबल सहित कई गांवों की सड़कें जर्जर हैं। भोपुर गांव में सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि आवागमन मुश्किल हो गया है। पीपलखेड़ा मार्ग पर उटंगन नदी पर पुल का अभाव कुल्हाड़ा, निमेना और मिर्चपुरा के ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। दनकसा में भी पुल निर्माण की मांग वर्षों से लंबित है। सैंया क्षेत्र में कृषि उपज मंडी की मांग भी अभी पूरी नहीं हुई है।
विधायक भगवान सिंह कुशवाहा का कहना है कि उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के हर कोने में विकास कार्य कराए हैं। कागारौल में बाईपास के लिए धनराशि स्वीकृत हो गई है और जल्द काम शुरू होगा। पेयजल समस्या के समाधान के लिए 150 टीटीएसपी को ठीक कराने के लिए 5.5 करोड़ रुपये मिले हैं। सैंया के टोड़ूपुरा में पार्वती नदी पर पुल स्वीकृत हो गया है, और दनकसा व कुल्हाड़ा में भी नए पुल बनेंगे। इसके अलावा, सैंया और कागाौल में बस स्टैंड बन गए हैं, और खेरागढ़ में भी रोडवेज बस स्टैंड के लिए भूमि मिल गई है।
हालांकि, निकटतम प्रतिद्वंद्वी रामनाथ सिकरवार का आरोप है कि अपेक्षित विकास नहीं हुआ है। जगनेर बस स्टैंड जर्जर हालत में है और विधायक निधि से बने यात्री प्रतीक्षालय भी टूट-फूट का शिकार हैं। विद्यालयों के भवन जर्जर हैं, किसानों को खाद-बीज नहीं मिल पा रहा है, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, और क्षेत्रीय जनता में असंतोष है। उनका मानना है कि विधायक ने समग्र विकास के बजाय अन्यत्र ध्यान केंद्रित किया है।