अगले साल होने वाले परख सर्वेक्षण की तैयारियां शुरू, UP का प्रदर्शन बेहतर करने पर जोर
राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण की तैयारियां अब जोर-शोर से शुरू हो गई हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य अगले साल उत्तर प्रदेश के स्कूलों के शैक्षिक प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर बनाना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) इस सर्वेक्षण के लिए गुणवत्ता मानकों को तय करेगा और परिषदीय व माध्यमिक स्कूलों को इन मानकों पर परखेगा।
इस पहल के तहत, सीखने के स्तर में सुधार लाने के लिए मंडलीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। सोमवार को एससीईआरटी में आयोजित एक कार्यशाला में परख डैशबोर्ड की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी जिलों में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर की नियमित निगरानी की जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट के आधार पर अपेक्षित सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक पवन सचान ने बताया कि वर्ष 2024 के परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन आधारभूत चरण कक्षा तीन में भाषा और गणित में राष्ट्रीय स्तर से बेहतर रहा था। इस बार इस प्रदर्शन को और उत्कृष्ट बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके लिए छात्रों की नियमित ओएमआर शीट पर प्रैक्टिस, दक्षता आधारित प्रश्न पत्रों का निर्माण और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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