लिव इन रिलेशन और समलैंगिकता पर विहिप की मांग: कठोर कानून की जरूरत | VHP Law Demand
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की कानपुर प्रांत की दो दिवसीय योजना बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में संगठन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप और समलैंगिकता जैसी सामाजिक प्रवृत्तियों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानूनों की आवश्यकता है। उनका मानना है कि ये प्रवृत्तियाँ पारंपरिक पारिवारिक व्यवस्था को कमजोर कर रही हैं।
इस बैठक में, जो जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित हुई, 21 जिलों के विहिप, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और ‘परिवार प्रबोधन’ का व्यापक अभियान चलाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अतिरिक्त, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या की जांच आयोग रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त की गई और गुरु रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष वक्तव्य जारी किया गया। गौ-रक्षा, गौ-संवर्धन और वेद विद्यालयों के माध्यम से प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने के प्रयासों पर भी सहमति बनी।
यह बैठक समाज में पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने और उन्हें मजबूत करने की दिशा में संगठन के प्रयासों को दर्शाती है, जिसका सीधा प्रभाव आम नागरिकों के सामाजिक ताने-बाने पर पड़ेगा।
