अलीगंज अग्निकांड: आईटी कंपनी संचालक की जमानत अर्जी खारिज, 15 की मौत का मामला
अलीगंज अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी, के मामले में आरोपी आईटी कंपनी संचालक सुरेश कुमार साहू को राहत नहीं मिली है। सत्र न्यायाधीश मलखान सिंह ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह फैसला जनता के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
इस मामले में, जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) राकेश पाण्डेय ने अदालत में जमानत का विरोध करते हुए बताया कि अलीगंज थाने के एसएसआई विनय कुमार मिश्रा ने घटना की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित एक आवासीय मकान में बिना किसी वैध अनुमति के पेट शॉप, क्लिनिक, गेमिंग जोन और आईटी ऑफिस संचालित हो रहे थे। गत 22 जून को दोपहर करीब 2:30 बजे पेट शॉप में आग लगने से पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई थी।
इस भीषण हादसे में 15 लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि 9 लोग घायल हुए थे। अभियोजन पक्ष ने अदालत को सूचित किया कि कॉम्प्लेक्स में आग बुझाने या आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रॉपर्टी मालिक वीरेंद्र शुक्ला, तुषांक, कृष्णा जायसवाल, पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय और इमारत के तीसरे तल पर आईटी कंपनी चलाने वाले सुरेश कुमार साहू को सुरक्षा मानकों की अनदेखी से होने वाली जनहानि की पूरी जानकारी थी। इसके बावजूद, उन्होंने जानबूझकर लापरवाही बरती, जिसके परिणामस्वरूप यह गंभीर हादसा हुआ।
लखनऊ में तेज बारिश से बिजली-पानी ठप, गिरे पेड़ और टूटे खंभे, city power crisis
केजीएमयू में यूपी की पहली रोबोटिक सर्जरी: बच्चेदानी का सफल ऑपरेशन, जानें क्या है यह नई तकनीक
लखनऊ आउटर रिंग रोड पर 261 कैमरों से होगी ट्रैफिक की निगरानी, अब ‘सेफ ड्राइव’ का नया दौर
फेसबुक पर क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा देकर डॉक्टर से 65 लाख की ठगी, cyber fraud का केस दर्ज
लखनऊ में हिट एंड रन के 345 मामले: पुलिस की धीमी जांच, सीसीटीवी से होगी पहचान
Lucknow News: आलमबाग में दंपती के लाखों के गहने चोरी, नौकरानी पर शक की सुई
कोर्ट परिसर में वकील की ड्रेस में हमला, जमीन विवाद में दो भाइयों को बंधक बनाया
