कानपुर में 150 रुपये में बच्चियों के अश्लील वीडियो बेचता था युवक, गूगल अलर्ट से गिरफ्तार
कानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक बच्चियों के अश्लील वीडियो को 100 से 150 रुपये में बेच रहा था। गूगल से मिली सूचना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनमें बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक वीडियो और फोटो मिले हैं। इस घटना ने बाल यौन शोषण के खिलाफ चल रहे अभियानों की गंभीरता को रेखांकित किया है।
साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन व्रज’ के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है। गूगल द्वारा नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रेन (NCMEC) को एक आईडी के बारे में सूचित किया गया था, जिसके माध्यम से बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री प्रसारित की जा रही थी। NCMEC ने इस जानकारी को नेशनल साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) को भेजा, जिसके आधार पर साइबर टीम ने जाजमऊ निवासी मोहम्मद नोमान को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले तीन सालों से टेलीग्राम के ग्रुपों से अश्लील वीडियो डाउनलोड कर उनकी छोटी क्लिप सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था और पूरा वीडियो मांगने पर पैसे लेता था।
इस घटना के समानांतर, भदोही पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर जिस्म फरोशी और अश्लील सामग्री के माध्यम से लोगों को फंसाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से फर्जी आधार कार्ड और मोबाइल बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ‘सिमरन पंजाबी’ जैसे नाम से फर्जी फेसबुक और व्हाट्सएप आईडी बनाकर चैट ग्रुप के जरिए बच्चों के अश्लील वीडियो बेचने और जिस्मफरोशी के लिए पैसों के लेन-देन का अवैध धंधा करते थे। इन गिरफ्तारियों से ऑनलाइन यौन अपराधों के नेटवर्क पर अंकुश लगाने के प्रयासों को बल मिला है।
