लखनऊ पुलिस पर गंभीर आरोप: तहरीर से लूट हटाने पर FIR दर्ज करने की बात, पीड़ित CM दरबार जाने की तैयारी में
लखनऊ में एक सोलर कारोबारी के अपहरण और लूट के मामले में नया मोड़ आ गया है। पीड़ित अभिषेक सिंह ने जानकीपुरम पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इंस्पेक्टर ने FIR दर्ज करने के लिए तहरीर से ‘लूट’ की बात हटाने की शर्त रखी। कारोबारी ने ऐसी शर्त मानने से इनकार कर दिया है और अब वह मुख्यमंत्री दरबार तथा पुलिस कमिश्नर से इस मामले की शिकायत करने की तैयारी कर रहा है।
पीड़ित अभिषेक सिंह, जो सीतापुर के मिश्रिख के रहने वाले हैं, ने बताया कि नौ जुलाई को वह साईं विहार कॉलोनी में सोलर पैनल लगाने गए थे। आरोप है कि परिचित साहिल ने उन्हें चाय के बहाने अपनी एसयूवी में बुलाया, जहां पहले से मौजूद लोगों ने असलहे के बल पर उन्हें बंधक बनाया, मारपीट की और 1.28 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। इसके अलावा, उनकी चेन, लॉकेट और अंगूठी भी छीन ली गई। देर रात उन्हें गोमतीनगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के पास छोड़कर हमलावर फरार हो गए।
पीड़ित का दावा है कि उसके पास घटना से जुड़े वीडियो और छीनी गई सोने की चेन व अंगूठी की खरीद रसीदें हैं, जिन्हें वह जांच में उपलब्ध कराएगा। इस घटना का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे आम जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, जानकीपुरम के इंस्पेक्टर विनोद कुमार तिवारी ने इसे दोनों पक्षों के बीच लेनदेन का विवाद बताया है। उन्होंने कहा कि अभिषेक ने करीब दो साल पहले साहिल से 80 हजार रुपये की एक हाथ घड़ी खरीदी थी, जिसे लेकर विवाद चल रहा है। जांच में मिले वीडियो में पीड़ित के साथ किसी प्रकार की जोर-जबरदस्ती नहीं दिखी है।
