पूर्व ARTO ललित के घर से 13 किलो सोना, 1.62 करोड़ कैश जब्त, 35 करोड़ की संपत्ति का खुलासा
लखनऊ में पूर्व ARTO (Assistant Regional Transport Officer) ललित कुमार के घर पर हुई विजिलेंस की छापेमारी ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। टीम को छापेमारी के दौरान दो गुप्त तिजोरियां मिलीं, जिनमें सोना-चांदी भरा हुआ था। एक तिजोरी दीवार के पीछे और दूसरी अलमारी के पीछे छिपाई गई थी। इसके अलावा, लाखों रुपये के नोटों के बंडल बेड के अंदर से भी बरामद किए गए। कुल मिलाकर, इस अधिकारी के पास से 13 किलोग्राम सोना और 1.62 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए हैं। अब तक की जांच में ललित कुमार की 35 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का पता चला है, जिसमें विभिन्न निवेश भी शामिल हैं।
यह मामला तब सामने आया जब ललित कुमार पर परिवहन विभाग में तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार का आरोप लगा। 2020 में कानपुर में तैनात रहते हुए उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था। जून 2024 में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पिछले साल ही उन्हें ARTO के पद पर पदोन्नत किया गया था, जिसके बाद विजिलेंस को जांच सौंपी गई।
ललित कुमार का विवादों से नाता तब से जुड़ा था जब वे 2020 में RI (Regional Inspector) से ARTO बने। आगरा में पहली तैनाती के बाद से ही उन पर मनमाने निर्णय लेने और कथित तौर पर दलालों को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे। उनकी कार्यशैली और कथित अवैध वसूली को बढ़ावा देने की शिकायतें लखनऊ मुख्यालय और शासन स्तर तक पहुंचीं, लेकिन प्रभावशाली संपर्कों के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
छापेमारी में सिर्फ नकदी और सोना ही नहीं, बल्कि इनोवा और आई-20 कार, रिवाल्वर, विभिन्न बैंकों, पोस्ट ऑफिस और म्यूचुअल फंड में करोड़ों के निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। विजिलेंस ने उनके घर की साज-सज्जा और घरेलू उपकरणों पर हुए खर्च का भी हिसाब लगाया है, जिसका अनुमान करोड़ों में है। इसके अलावा, लखनऊ में कई आवासीय और कृषि भूखंडों के साथ-साथ नोएडा और लखनऊ में फ्लैट बुकिंग के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
