आगरा स्वास्थ्य विभाग में फर्जीवाड़ा: 10 साल नौकरी करने वाले डार्क रूम सहायक पर FIR, 10 साल job fraud
आगरा के स्वास्थ्य विभाग में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक डार्क रूम सहायक ने जाली नियुक्ति पत्र के आधार पर पिछले एक दशक से अधिक समय तक सरकारी नौकरी की और वेतन भी प्राप्त किया। इस मामले का खुलासा एक शिकायत के बाद हुई विभागीय जांच में हुआ है।
जांच में पता चला कि सैफई निवासी नवीन यादव को 2016 में बिचपुरी स्वास्थ्य केंद्र में नियुक्ति पत्र के आधार पर तैनात किया गया था। कुछ वर्षों के बाद उसका तबादला बरौली अहीर हो गया, जहां से उसका वेतन लगातार जारी होता रहा। हाल ही में जब उसका तबादला पिनाहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर किया गया, तो उसके नियुक्ति पत्र की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए गए।
शिकायत के बाद जब पैरामेडिकल अनुभाग के डिस्पैच रजिस्टर की जांच की गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। 2016 में नवीन यादव नाम के किसी व्यक्ति के लिए कोई नियुक्ति पत्र जारी ही नहीं किया गया था। इस खुलासे के बाद, नवीन यादव 28 जून को रहस्यमय तरीके से गायब हो गया।
विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रमोद कुमार कुशवाहा ने पुष्टि की है कि आरोपित के खिलाफ कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी नौकरी हासिल करने के आरोप में पिनाहट थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह घटना सरकारी तंत्र में व्याप्त खामियों और फर्जीवाड़े की ओर इशारा करती है, जिससे जनता के पैसे का दुरुपयोग हुआ है।
