समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कानपुर के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के साथ केक काटने के मामले में विधायक अमिताभ बाजपेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस...
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर कानपुर के एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के साथ केक काटने के मामले में विधायक अमिताभ बाजपेई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना के बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक नवीन कुमार त्रिपाठी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। निलंबित प्रधानाध्यापक की शिकायत पर ग्वालटोली थाने में विधायक और उनके समर्थकों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज हुआ है।
यह घटना 1 जुलाई को हुई जब विधायक अमिताभ बाजपेई अपने समर्थकों के साथ परमट प्रथम विद्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बच्चों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाया, केक काटा और स्कूल में यूनिफॉर्म भी वितरित की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया और 2 जुलाई को प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया।
प्राथमिक विद्यालय परमट प्रथम में यह विवाद 13 मई से चल रहा है। 1932 के इस स्कूल के जीर्णोद्धार और निर्माण के लिए सपा विधायक ने बेसिक शिक्षा विभाग से अनुमति मांगी थी, जो मिल गई थी। हालांकि, भाजपा नेता सुरेश अवस्थी ने कार्य कर रहे मजदूरों को भगा दिया था, जिससे विवाद बढ़ा। बाद में पार्षद विकास जायसवाल ने धरना दे रहे सपा विधायक को चप्पल दिखाई, जिससे दोनों पक्षों में टकराव हुआ।
विधायक अमिताभ बाजपेई का कहना है कि उन्होंने बच्चों को दूर रखकर केक काटा और यूनिफॉर्म बांटी। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष का केक काटना क्या आफत है और भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज दबाना चाहती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को अनुशासनहीनता मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक को निलंबित किया था।
इस बीच, सांसद रमेश अवस्थी की उपस्थिति में सांसद निधि से स्कूल में दो स्मार्ट क्लासों के निर्माण का शिलान्यास हुआ। निलंबित प्रधानाध्यापक ने मंगलवार को विधायक पर विद्यालय में जबरन आने और अन्य आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि इस मामले का शासन ने संज्ञान लिया होगा और पुलिस प्रशासन ने निर्देश पर ही एफआईआर दर्ज की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने कहा कि उन्हें प्राथमिकी की जानकारी नहीं है, लेकिन विधिक कार्रवाई के लिए कोई भी स्वतंत्र है।