आगरा में फ्रांसीसी पर्यटक ठगी का शिकार, 50 डॉलर गंवाकर बिना देखे लौटीं
भारत की ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा पर आगरा में एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दिल्ली से ताजमहल देखने आई फ्रांसीसी महिला पर्यटकों को एक ड्राइवर ने पार्किंग शुल्क के बहाने 50 डॉलर (लगभग 4744 रुपये) की ठगी का शिकार बनाया। इस घटना से आहत होकर दोनों पर्यटक ताजमहल देखे बिना ही दिल्ली लौट गईं।
पर्यटकों ने पुलिस को बताया कि दिल्ली से आगरा आने के लिए उन्हें ट्रैवल एजेंट को 150 डॉलर देने पड़े थे, लेकिन ड्राइवर ने अतिरिक्त 50 डॉलर पार्किंग शुल्क के तौर पर मांगे। जब पर्यटकों ने इस बारे में ड्राइवर से बात की, तो उसने बुकिंग से इनकार कर दिया और एजेंट ने भी धमकाया। इसके बाद पर्यटक निराश होकर पुलिस के पास पहुंचीं, जहां वे रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाती नजर आईं।
पुलिस बूथ पर मौजूद एक वीडियो में पर्यटक पुलिसकर्मियों से बात करते हुए भावुक दिखीं। उन्होंने बताया कि उनकी फ्लाइट दोपहर की है और वे ताजमहल देखे बिना वापस जाना चाहती हैं। पुलिस ने ड्राइवर अजहरुद्दीन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचा। इस घटना के कारण पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र सिंह नागर ने कहा है कि पर्यटकों के साथ कोई ठगी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों ने ऑनलाइन कैब बुक की थी और फ्लाइट लेट होने के कारण ड्राइवर ने 500 रुपये पार्किंग शुल्क मांगे थे, लेकिन पर्यटकों ने गलती से 50 डॉलर दे दिए। ड्राइवर अजहरुद्दीन पर शांति भंग की कार्रवाई की गई है।
यह घटना आगरा में पर्यटकों के साथ होने वाली ठगी की घटनाओं की ओर इशारा करती है। इससे पहले भी कई बार विदेशी पर्यटकों को महंगी टिकट बेचने या कमीशन के खेल में ठगा जा चुका है। ऐसे मामले ‘अतिथि देवो भव’ की भावना को ठेस पहुंचाते हैं और शहर की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
