देशभर में भारी बारिश का कहर: बाढ़, भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, 50 से अधिक मौतें
देश के विभिन्न हिस्सों में जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुजरात के सूरत शहर में पिछले 36 घंटों में 18 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। सड़कों पर गाड़ियां बह गईं और लगभग 2100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूरत और नवसारी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
उत्तर भारत में जलभराव और यातायात बाधित
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी हालात गंभीर हैं। कई इलाकों में दो-दो फीट पानी भर गया है, जिससे दिल्ली-जयपुर NH-48 पर 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। एक स्कूल बस भी पानी में फंस गई। पुलिस ने कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) देने की अपील की है। दिल्ली-एनसीआर में 7 से 9 जुलाई तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे उड़ानों में भी देरी हो रही है।
राजस्थान में बारिश और दुर्घटनाएं
राजस्थान के जालोर में एक जीप नदी में पलट गई, जबकि चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। धौलपुर और अन्य जिलों में भी भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक आंधी-बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत में भी बारिश का प्रकोप
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन से 94 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के 26 जिलों में 4 लोगों की मौत हुई है और कई घायल हैं। लोअर सियांग जिले के 14 गांव पिछले 10 दिनों से बाकी देश से कटे हुए हैं। महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई-विरार और नाला सोपारा में लगातार बारिश से जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे यातायात प्रभावित है।
मध्य प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात
मध्य प्रदेश के पन्ना, छतरपुर और खंडवा जैसे जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई नदियां उफान पर हैं और रास्ते बंद हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबलपुर में एक पांच मंजिला इमारत भी ढह गई।
मानसून का व्यापक प्रभाव
मानसून ने देश के लगभग 95% हिस्से को कवर कर लिया है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश और उससे जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। नागरिक प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य चला रहा है।
