आगरा में घर का सपना होगा पूरा: नर्मदापुरम और गंगापुरम टाउनशिप में शुरू हुई प्लॉट बुकिंग
आगरा शहरवासियों के लिए अपने घर का सपना अब हकीकत बन सकता है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अपनी महत्वाकांक्षी ग्रेटर आगरा योजना के तहत नर्मदापुरम और गंगापुरम टाउनशिप में आवासीय भूखंडों की बुकिंग सोमवार से शुरू कर दी है। यह पहल उन हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है जो लंबे समय से इन टाउनशिप में अपना प्लॉट खरीदने का इंतजार कर रहे थे।
ऑनलाइन बुकिंग और आवेदन प्रक्रिया
भूखंडों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जनहित पोर्टल https://janhit.upda.in पर किया जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 29 जुलाई निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान, इच्छुक नागरिक दोनों टाउनशिप में उपलब्ध भूखंडों के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह ऑनलाइन प्रक्रिया आवेदकों को घर बैठे आवेदन करने की सुविधा प्रदान करती है, जिससे समय और प्रयास दोनों की बचत होती है।
ग्रेटर आगरा योजना का विस्तार
एडीए रायपुर और रहनकलां में 449.65 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर आगरा टाउनशिप विकसित कर रहा है। इस परियोजना के तहत, किसानों को भूमि का मुआवजा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के कार्यालय से वितरित किया जा चुका है, जो परियोजना के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रेटर आगरा में सिंधुपुरम, गोमतीपुरम, गंगापुरम, यमुनापुरम, बेतवापुरम, महानदीपुरम, नर्मदापुरम, गोदावरीपुरम, कृष्णापुरम और कावेरीपुरम जैसी दस छोटी टाउनशिप शामिल हैं। इनमें से यमुनापुरम व्यावसायिक और कावेरीपुरम मनोरंजक गतिविधियों के लिए आरक्षित हैं, जबकि अन्य आवासीय उपयोग के लिए हैं। कुल 4353 आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
आवासीय भूखंडों की कीमत और आवंटन
इन आवासीय भूखंडों की भूमि की कीमत 33,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखी गई है। सामान्य वर्ग के आवेदकों को पंजीकरण शुल्क के रूप में भूमि के मूल्य का 10 प्रतिशत जमा करना होगा, जबकि आरक्षित श्रेणी के आवेदकों के लिए यह शुल्क 5 प्रतिशत है। भूखंडों का आवंटन पूरी तरह से लॉटरी पद्धति से किया जाएगा। यदि किसी आवेदक का नाम लॉटरी में नहीं आता है, तो उनका पंजीकरण शुल्क उन्हें वापस कर दिया जाएगा। यह पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सभी को समान अवसर मिले।
