भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाला सिपाही सुशील शुक्ला UP पुलिस से बर्खास्त, जानिए पूरा मामला
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोपों को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करना सिपाही सुशील कुमार शुक्ला को महंगा पड़ा। लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात शुक्ला को विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए कई वीडियो जारी कर पुलिस विभाग में संगठित रिश्वतखोरी और निचले स्तर के पुलिसकर्मियों से मासिक अवैध वसूली का आरोप लगाया था। शुक्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की थी।
इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर पुलिसकर्मियों को जनता की सेवा के लिए तैनात किया जाता है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोप व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाते हैं। इस बर्खास्तगी से यह संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जारी है और किसी भी स्तर पर गलत आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, हरदोई में भी पुलिस अधीक्षक ने एक उपनिरीक्षक समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इन पर लकड़ी से लदी पिकअप को कथित रूप से अवैध रूप से रोकने और चालक से अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिसकर्मियों को अनुशासन और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी है।
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